मैंने शेर पढ़ा बहुतो ने सुना सब ने दाद दी ,
   तेरी मुख से वाह आती तो बात कुछ और थी ,

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बात कँहा से प्रारंभ करूँ पता ही नही चल  रहा है मेरा साहित्यिक सफ़र ये बताता है की ऐसी परस्थितियाँ तभी आती है जब या तो आप काफी खुश हो याँ फिर काफी उदास हो खेर पहली वाली परस्थिति की बात करना उतनी प्रासंगिक न होगी जितनी की दूसरी और अगर आपके पास मेरे जैसे चिर महान उदारता और सागर के सामान कमीने दोस्त हो तो फिर दूसरी वाली परस्थिति भी अपने आप ही पहले वाली में परिवर्तिति हो जाती है ।खेर आज का दिन मेरे लिए एक महान दिन था क्योकि आज ही के दिन से मैंने इस संसार में अपनी माँ के प्रथम दृस्तिपात किया जिस माँ ने अपना जीवन को अर्पित कर दिया मेरे लिए नूतन सवेरे के लिए आज इस समय मै कंही न कंही उन्हें याद करके मेरा अंतर्मन रो सा पड़ा था।।क्यकी वो माँ आज भी इतने दूर होने पर भी मेरे उन्नति के लिए उसी तरह पंडितो के द्वारो पूजा करवा रही थी जैसा की जब मै होता हूँ ।।पर इन रोते हुए मन को उन्मुक्त और खुशियों की तरफ ले जाना का काम मेरे उन्ही सागर के सामान कमीने दोस्तों ने किया जो आज इस दिन को मेरे लिए ऐसा यादगार पल बनाया जो मेरे जिंदगी के कुछ सुनहरे पलो में से एक सा हो गया ।हालाँकि इसकी शुरुआत  मध्य रात से ही हो गयी थी जब मेरे दोस्त मुझे काफी दूर से आने लगे हालाँकि वो बात अलग थी की मार काफ़ी पड़ी और उसका दर्द अभी भी है क्योंकि हम इंजीनियर अगर सब की तरह वही cakes काट कर मोमबत्तियां बुझा दे तो फिर हम में और आम इंसानो के जन्मदिन मानाने में फ़र्क़ की क्या होगा आखिर हम इस दुनियाँ में सभी अविष्कारों के जन्मदाता है सो हमने अपने जन्मदिन मानाने एक अपना और सबसे अलग तरीका निकाल लिया और वो है जिस किसी भी मासूम बालक का जन्मदिन होता है उसको अपने जन्मदिन से ख़ुशी कम और दुःख जादा होता है क्योकि जिसका भी जन्मदिन होता है उसे मध्यरात्रि में अशंख्य और अनगिनत ब्रांडेड चप्पल ,जूतो और थप्पड़ों का बड़ी ही मासूमियत के साथ सहना पड़ता है लेकिन ये फिर एक ऐसी याद बनती है जिसका मैं क्या कोई भी इसे शब्दों से नही बता सकता ।सोशल मीडिया में काफी मित्रो की शुभकामनाओ ने मन को काफी प्रफुल्लित किया लेकिन दोस्त तो दोस्त ही होते है………

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कमीनो ने आज के दिन भी नही छोड़ा।।मुझे काफी दोस्तों के कॉल्स आये और काफी ऐसे दोस्तों के कॉल्स भी आये जो की बिलकुल ही unexpected थे और येही छोटी छोटी खुशियो ने मिलकर इस दिन को एक सुनहरा पल बना दिया ।।

 

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GOT THE BEST GIFT OF THIS B’DAY

 

हालाँकि मैं अपने आप को औरो से  जादा न सही बस 10-20 gram जादा बुद्धिमान तो समझता ही हूँ पर हुआ कुछ उल्टा ही शाम के समय मेरा एक काफी मासूम सा दोस्त जिस कमीने को हम बड़े ही प्यार से सिगनल कहते है मेरे रूम में दस्तक दिए मै सो ही रहा था ।।मै भी तोड़ा जागृत ही हुआ था की भाई जी ने बड़े ही प्यार से बोला ”भाई वरुन का काल आया था बोला की राम को ले के आ जा नीचे” मैं उस समय नींद में ही था मैंने कहा हाँ चलता हूँ बस फिर face wash ही हुआ था की भाई जी ने फिर कहा यार जल्दी चल यार ,मैंने पूंछ किस लिया है तो भाई जी ऐसे ही यार (अच्छा बाद में पता चला तो मुझे लगा की की इतनी अच्छी एक्टिंग के लिए इसे ऑस्कर मिलना चाहिए )

सामान्यतः हमारी वरुन और सिगनल की डिबेट या कई सारी बाते शेयर होती रहती है सो मैंने सोचा ऐसे ही कुछ होगा और मौसम भी काफी अच्छा तो जादा मैंने पुंछ ही नही और पूंछता भी कैसे उसी समय मैं एक कॉल में व्यस्त हो गया
भाई जी : लगातार काल्स पर कॉल कर रहे थे और पूंछ रहे थे की कँहा हो
मैंने सोचा भाई जी वरुन से बात कर रहे होंगे लेकिन एक मिनट रुकिए !!

शॉप के फर्स्ट फ्लोर में मुझे क्यों ले जा रहा है ये सिगनल मैं ये समझता की इससे पहले ही मुझे कुछ लोग नजर आ गए बड़े ही खूंखार,डरावने और कमीने,
मै थोडा सा सहम सा गया लग रहा था ये कोई ग्रुप था हाँ जिसमे तीन से चार लड़कियाँ और ऐसे ही कुछ लड़के थे ,अरे हाँ सायद मै इनका नाम भी जानता हूँ

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अरे हाँ ये तो  भारती ,शीतल ,तनवी ,तौसिफ और सूरज है।।

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और हाँ मास्टरमाइंड रवि जी है मैं अभी ये सोच ही रहा था की HAPPY B’DAY TO YOU RAM की आवाज़ ने मुझे नींद से उठा दिया ।।और कुछ इस तरह से सिगनल पूरा ही नाम बता देता हूँ सो शुभम सिंगल ने और कुछ इस तरह से इन सभी के साथ मिलकर मेरे इस 10-20gram औरो से जादा बुद्धिमानता वाली बात को गलत साबित कर दिया ।।और कुछ इस तरह से ये दिन मेरे लिए एक यादगार बना दिया ।।

आगे भी काफी कुछ हुआ और बहुत कुछ होना अभी बाकि है जैसे की मुझे पार्टी देनी है….लेकिन इस ख़ुशी ,इस प्यार,इस लगाव के लिए दिल से धन्यवाद देना चाहता हूँ सभी को जिन्होंने एक छोटे से दिन को मेरे लिए सुनहरे पल में तब्दील कर दिया ।।

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4 thoughts on “यादों के झारोंखे से अाज का सुनहरा यादगार दिन

  1. thanks ram g for giving me such respect as putting g after my name and using mastermind in front of my name and again happy birthday to u
    your well-wisher
    Ravi
    bff

    Liked by 1 person

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